जयपुर के आमेर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय विवादों में आ गई, जब जयपुर नगर निगम की टीम पर एक महिला के साथ मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे। जानकारी के अनुसार निगम की टीम आमेर बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान एक महिला और निगम कर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों का दावा है कि महिला के साथ सख्ती और अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बस स्टैंड पर एकत्रित हो गए और निगम प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताने लगे। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई के दौरान कानून और संवेदनशीलता का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। विशेषकर किसी महिला के साथ कथित बदसलूकी को लेकर लोगों में रोष देखा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल नगर निगम की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान इस तरह की सख्ती उचित है, या फिर प्रशासन को अपनी कार्यशैली में सुधार की जरूरत है?